STORYMIRROR

Aditya Vats

Inspirational

4  

Aditya Vats

Inspirational

चिराग

चिराग

1 min
23

जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा

किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता


हवा के ख़ौफ़ से बुझते नहीं चराग़ कभी

कभी भी चोट से उजला धुआँ नहीं होता


भरोसा रखिए सहर होने तक, अंधेरों में भी,

उदास रात का कोई भी ग़म जहाँ नहीं होता


अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा,

मगर तुम्हारी तरह कौन मेहरबाँ नहीं होता


मुझे चिराग़ समझकर बुझा रहे हो क्यों,

मेरे हक़ीक़तों से आपका वास्ता नहीं होता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational