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Kahkashan Danish

Tragedy

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Kahkashan Danish

Tragedy

चेतावनी

चेतावनी

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मेरे प्राणों को लेकर तुम,

कितना आगे बढ़ पाओगे।

मुझसे ही जीवन है सबका,

कब मेरा क़र्ज़ चुकाओगे?

भूल ही बैठे प्रगति पथ पर,

नष्ठ सभी कर डाला तुमने।

मेरी सांसें टूटी जिस दिन,

खुद की भी जान गवाओगे।।"


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