STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

2  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"बुराई सभी मिटाओ "।

"बुराई सभी मिटाओ "।

1 min
155

बुराई सभी मिटाओ, कहते सब त्योहार।

अशोक विजय दशमी भी, देता यह उपहार।

देता यह उपहार, प्रज्ञा शील धारण करो।

धूम्र द्दूत मद्य मांस, छोड़ सब व्याधि हरो।

कह "जय" भला करके, सभी करें शुद्ध कमाई।

लाभ अवश्य मिलेगा, छोड़ दो सभी बुराई।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy