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Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

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Preeti Sharma "ASEEM"

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बसंत

बसंत

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बसन्त 

तुम इस तरह से आना।

मुरझाए चेहरों को

मीठी मुस्कान से

तुम भर जाना।


उदासी की 

तस्वीरों में,

खुशी के रंग

तुम बिखराना।

बसन्त

तुम इस तरह से आना।


बंजर 

जहाँ-जहाँ धरा है।

नेह का

जल बरसाना।

बसन्त

तुम इस तरह से आना।


अंधियारे मनों में

तुम आस का दीप जलाना।

जीवन को

प्रेम से भरकर

प्रेम के गीत तू गाना।


बसन्त

तुम इस तरह से आना।

जीवन को

संचालित कर

नव उर्जा

तू भर जाना।


उंमग-उंमग

जीवन तंरग

नव मधुर

संदेश तुम लाना।

बसन्त

तुम इस तरह से आना।


हर तरह

शुभता दे कर।

तुम फिर

कहीं मत जाना।

बसन्त

तुम इस तरह से आना।


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