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bhandari lokesh

Romance

4  

bhandari lokesh

Romance

बस तेरे लिए है

बस तेरे लिए है

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फूलों में खुशबू, तारों में रंगत

बस तेरे लिए है

सूरज में किरनें, और वीरान पनघट

बस तेरे लिए है

जो तू है, फिजायें भी रंगीन लगतीं

जो ना हो तो पलकें, दिन रैन बरसतीं

जरूरत है तेरी, अब साँसों को मेरी

और मेरी हर धड़कन, बस तेरे लिए है

साँसों में तड़पन, और सुरमई शबनम

सब तेरे लिए है

ज़ख्मों का मरहम और जोकर सनम

बस तेरे लिए है 

गीतों को अपने, है कोयल सुनाती

बस तेरे लिए, ये हवा मुस्कुराती

ये मौसम बदलना और मेरा तड़पना

ये रिमझिम बरसना, बस तेरे लिए है

ये सुबह की ठंडक और रातों की राहत

बस तेरे लिए है

है होना हमारा और बेहिसाब चाहत

सब तेरे लिए है

बस तेरे लिए है


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