bhandari lokesh
Romance
एक
जन्मदिन मुबार...
मिलेंगे मिलें...
हैलो कौन?
तू नहीं तो कौ...
बहाना क्यूँ ?...
बहाना क्यूँ ब...
अनसुनी ~प्रेम...
स्टेथस्कोप वा...
अगर तुम सावन ...
जिसमें दुनिया की सारी खूबसूरती समाहित है जो एक ऐसा दर्पण है! जिसमें दुनिया की सारी खूबसूरती समाहित है जो एक ऐसा दर्पण है!
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में। अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में।
तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में.. तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में..
जिसे तुम इश्क कहते हो उसे हम जान कहते हैं। शिद्दत से निभाए कौल को हम ईमान कहते हैं। जिसे तुम इश्क कहते हो उसे हम जान कहते हैं। शिद्दत से निभाए कौल को हम ईमान कहत...
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना, माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना,
"फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं। "फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं।
हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न देते हो गुलाब न ही ... हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न...
तुम्हें कैसे पता उसका, मेरे मन की जो दुविधा हैं कि पूरा होने की चाहत में, तुम्हें कैसे पता उसका, मेरे मन की जो दुविधा हैं कि पूरा होने की चाहत में,
याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर और आधा.. याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर ...
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे। मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे।
तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे पारिजात। तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे प...
रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को। रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को।
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
इस बढ़ती जवानी में कोई किसी को पसंद भी करेगा कभी सोचा भी नहीं था हमने। इस बढ़ती जवानी में कोई किसी को पसंद भी करेगा कभी सोचा भी नहीं था हमने।
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।