bhandari lokesh
Romance
एक
जन्मदिन मुबार...
मिलेंगे मिलें...
हैलो कौन?
तू नहीं तो कौ...
बहाना क्यूँ ?...
बहाना क्यूँ ब...
अनसुनी ~प्रेम...
स्टेथस्कोप वा...
अगर तुम सावन ...
दीद को तेरी तरसे न अँखिया मेरी। हर घड़ी सामने तुझको पाया करूँ। दीद को तेरी तरसे न अँखिया मेरी। हर घड़ी सामने तुझको पाया करूँ।
कब आओगे इस उम्मीद में, न जाने कितने खत लिख दिए। कब आओगे इस उम्मीद में, न जाने कितने खत लिख दिए।
न सोचा न समझा न जाना किसी को फिर भी न जाने कोई कैसे दिल में इतना ख़ास है ! न सोचा न समझा न जाना किसी को फिर भी न जाने कोई कैसे दिल में इतना ख़ास है !
बता नहीं सकती तुम्हें इसलिए रख रही हूँ सहेज कर ये राज फिर। बता नहीं सकती तुम्हें इसलिए रख रही हूँ सहेज कर ये राज फिर।
जिंदगी हमारी बस उस मौत के नाम कर दो। जिंदगी हमारी बस उस मौत के नाम कर दो।
प्यार करता हूं हद से ज्यादा तुमसे, सिर्फ तेरी हाँ के इंतज़ार में हूं लगा। प्यार करता हूं हद से ज्यादा तुमसे, सिर्फ तेरी हाँ के इंतज़ार में हूं लगा।
जीवन भर तुझ पर ही लुटाना चाहती हूं। जीवन भर तुझ पर ही लुटाना चाहती हूं।
ये दिल उनके हवाले कर आये पत्र जो लिखा, पर भेज ना पाए। ये दिल उनके हवाले कर आये पत्र जो लिखा, पर भेज ना पाए।
मोहब्बत तो खेल जिस्म का जहां, जहां किसी को रूह-ए-यार ना मिला। मोहब्बत तो खेल जिस्म का जहां, जहां किसी को रूह-ए-यार ना मिला।
तुम्हारी सारी खता को भूल जाऊंगा मैं तब भी तुमको गाऊंगा ! तुम्हारी सारी खता को भूल जाऊंगा मैं तब भी तुमको गाऊंगा !
दिल की गली में फिर लौट के आ करे इंतजार तेरा दिल बेकरार मेरा। दिल की गली में फिर लौट के आ करे इंतजार तेरा दिल बेकरार मेरा।
वो खत मैं अक्सर आज भी तन्हाई में पढ़ लेता हूं, वो खत मैं अक्सर आज भी तन्हाई में पढ़ लेता हूं,
उन्हीं के प्रेम के धुन के शिवम् सपने सजाए थे। उन्हीं के प्रेम के धुन के शिवम् सपने सजाए थे।
नहीं मेरा ठिकाना ही तय है, वो कहलाता हैं कब्रिस्तान जो । नहीं मेरा ठिकाना ही तय है, वो कहलाता हैं कब्रिस्तान जो ।
ये खत भी तुम्हें देखकर नजरें झुकाए। ये खत भी तुम्हें देखकर नजरें झुकाए।
ये सोच के कि कहीं खो न दें तुमको हम। ये सोच के कि कहीं खो न दें तुमको हम।
आती हो की सब-कुछ भुलाकर मैं दौड़ा-दौड़ा तुम्हारे पास चला आता हूँ ! आती हो की सब-कुछ भुलाकर मैं दौड़ा-दौड़ा तुम्हारे पास चला आता हूँ !
ख्वाब कई थे हसीन से मिजाज थे मेरे रंगीन से उन्हीं बिखरे ख्वाबों को फिर से पिरोना ख्वाब कई थे हसीन से मिजाज थे मेरे रंगीन से उन्हीं बिखरे ख्वाबों को फ...
भेजा न जा सका आज तक वो दिल का प्यार, मन की प्यास। भेजा न जा सका आज तक वो दिल का प्यार, मन की प्यास।
राहगीर को ज्यों शाम सुहाना मिल गया। राहगीर को ज्यों शाम सुहाना मिल गया।