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Versha Gupta

Abstract

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Versha Gupta

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ब्रज में होली

ब्रज में होली

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आज ब्रज में होली रे सांवरिया

राधा संग खेले हैं कन्हैया

देखो बिखरी है रंगों की बिदरिया

भीगे रे गोरी की चुनरिया


आज ब्रज में होली रे सांवरिया

गोपियो ने घेरो है रसिया

जबरन बजवावे हैं मधुर मुरलिया

आज ब्रज में होली रे सांवरिया


राधे की लचको हैं कमरिया

कान्हा जब मरोङो हैं बईयां

आज ब्रज में होली रे सांवरिया

जब लगावे हैं गुलाल रसिया


गोपिया बजावत हैं लठिया

आज ब्रज में होली रे सांवरिया

राधा संग खेले हैं कन्हैया।


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