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Kavita Yadav

Classics

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Kavita Yadav

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बन्धन एक रिश्ता

बन्धन एक रिश्ता

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तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी 

राज कुमारी।


तुझको ना भूल पाऊँगा मैं

अपने से जुदा ,

कैसे कर जाऊँगा मैं।


रीति रिवाज़ो का पालन, 

मुझे भी एक दिन करना है।

एक दिन तेरा ब्याह रचा के 

दूर मुझसे करना है।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।


जो मेरा है वो सब तेरा है

तुझको ये अर्पण करना है

हाँ मुझको भी

कन्यादान करना है।


तेरी ख़ुशी की ख़ातिर

तेरे सामने मुझको हँसना है

ना हो उदास तू ज्यादा

ये ध्यान भी मुझको रखना है।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।


राजकुँवर वो ले जायेगा

सदा के लिए, तेरा हो जाएगा

दुआ में मांगूँ उस रब से

आशीर्वाद दूँ तुमको दिल से।


सदा खुश रहो

ओ प्यारी

मेरी तू राज दुलारी।


शादी ब्याह ये जीवन है

बंधन है, एक रिश्ता है

साथ रहे दोनों का हर दम

इसका महत्व ना हो कभी कम।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी 

राज कुमारी।


ना हो कोई अकेला 

जीवन मे इसका महत्व है

इसलिए दोस्तों शादी का 

जीवन मे बहुत महत्व है।


जो हो गए

इसे तन्हा

रब उसको भी दे

ये खुशियां।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।


माता पिता का जीवन

शादी विवाह वो दर्पण

बच्चो को जो वो है देते

शादी का रूप है वैसे।


तू मेरी बेटी प्यारी,

मेरी नन्ही सी

राज कुमारी।


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