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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

भव बाधा हरो सारी,,।

भव बाधा हरो सारी,,।

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मन के मुरारी, सुनते हों सारी

अरज, विनती हमारी

तुम बिन अब ना जी सकेंगे,

जग जीवन सब हारी,


लीलाधारी, ओ गिरधारी

सुन लो विनती हमारी,

दर्शन दीजो, संपूर्ण रूप के

भव बाधा हरो सारी,


सुन लो विनती हमारी

प्रभु, भव बाधा हरो सारी.......


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