STORYMIRROR

Devendraa Kumar mishra

Inspirational

4  

Devendraa Kumar mishra

Inspirational

भूल जाना अच्छा

भूल जाना अच्छा

1 min
357

पैर जमीन पर रख ही दो 

वर्ना मुहं के बल गिर जाओगे 

दूसरे के सहारे मत उड़ो 

अन्यथा गिरकर मर जाओगे 

संबंधो का सम्मान करना सीखो 

अपनी लाश खुद नहीं उठा पाओगे 

किताबी बातों में सच्चाई है आज भी 

झूठ का जीवन ज्यादा दिन नहीं जी पाओगे 

दो बोल प्यार से बोलो तो सही 

लड़ लड़ कर पूरा जीवन कैसे जी पाओगे 

अपने आंसू छुपाकर रखना 

कोई पोंछेगा तो मोल भाव करते पाओगे 

ज़ख्म है तो मरहम लगाओ 

कुरेदोगे तो घाव गहरा पाओगे 

कुछ बातें भूल जाना ही अच्छा 

वरना चैन से जी नहीं पाओगे. 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational