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Himanshu Sharma

Abstract

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Himanshu Sharma

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बहुत याद आये

बहुत याद आये

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जब भी ज़ेहन पर यादों के बादल छाये,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


ज़िंदगी की राहों में दिखते उनके साये,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


उनके आने के इंतज़ार में गुल मुरझाए,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


हरेक शै से वो, मोहब्बत को आजमाये,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


तेरी यादों के दिये, फिर दिल में जलाये,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


तुम फिर लौटोगी बैठें हैं पलकें बिछाये,

वो मेरे दिल को तो बहुत ही याद आये!


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