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Kishor Zote

Tragedy

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Kishor Zote

Tragedy

भ्रुणहत्या

भ्रुणहत्या

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शादी होने के बाद

आशीर्वाद देते हैं

दुधो नहावो पुतो फलो

कामना यहीं होती है


नववधु का जब

पाँव भारी होता है

घर में मानो जैसा

त्योहार माहौल बनता है


सिर्फ लड़का चाहिये 

तमन्ना सबकी होती है

उस होने वाली माँ की

भला कौन सुनता है


अस्पताल में जाँच

गर्भ लड़की होता है

अबॉर्शन करके तब

भ्रुणहत्या कर देते हैं।


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