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Arun Singh

Classics

3  

Arun Singh

Classics

भ्रम

भ्रम

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अगर तुम भ्रम हो

तो मैं जीना चाहता हूँ

तुम्हें,

अपनी हर सच्चाई से।


अगर तुम भ्रम हो

तब भी 

मैं तुम्हें 

उतनी ही निष्ठा

और ईमानदारी से

जीना चाहता हूँ,


जितना तुम्हारे 

सच होने को जीता।

तुम्हारा भ्रम होना

मेरे तुम्हें सच्चाई से जीने 

से जुड़ा नहीं है।


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