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Naval Joshi

Abstract Others

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Naval Joshi

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भगवान

भगवान

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जहाँ जिन्दगी की हार वहाँ तूने विश्वास जगाया है     

जहाँ अंधकार की गहराई वहाँ तुम्हें पाया है।      

न जाने जिन्दगी में गहरा विश्वास है             

एक तू ही तो है जिस पे मुझे आस है।           

जब जब भी हारा हूँ जिन्दगी में बस सामने तुम्हें पाया है                                

गया पल ना सही एक अच्छा पल लौट के आया है।   

जिन्दगी मैं तेरे होने का आभास ही तो है         

हार कर भी जीत जाता हूँ विश्वास ही तो है।


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