ममता
ममता
1 min
144
जिन्दगी तरसती है जिसको पाने को
जहाँ जाकर मन करता है खो जाने को।
जिसे माँ के आंचल में पाया
जिसे पिता के कंधे में पाया।
जिसे खुदा ने अनमोल बनाया है
धरती पर बाल रूप में जिसे पाया है।
सागर से भी गहरा है जो प्रेम से भरा है
कभी खुशी कभी गम के एहसास से भरा है।
जिसका दुनिया में कोई मोल नहीं
ममता है जो अनमोल वही।
