भड़का प्रेमी
भड़का प्रेमी
तेरी उम्मीद का आखिरी चिराग हूं
इतना भी ठंडा मत समझो, आग हूं
एलेक्सा से मत पूछो, मैं बेदाग हूं
मैं कवि नहीं कवियों का ताज हूं
करता हूं बड़ाई अपने आप, क्योंकि मैं तुमसे नाराज हूं
मना सको तो मना लो, मैं तुम्हारे पास केवल आज हूं।।
गूगल ओके मत कहो, मैं ओके गूगल का राज हूं।
इंस्टा पर तुम आओगी, मैं टका टक का सरताज हूं।
टक टकी लगाकर तुम देखोगी, लेकिन मैं बाज़ हूं
यूट्यूब हो या फेसबुक, ढूंढे नहीं पाओगी।
मैं मौज हूं, मौज लूंगा! मैं तेरा बीता हुआ कल था
मैं तेरा आज हूं।

