Kavita Sharrma
Abstract
किसी ने चुना डॉक्टर बनना,
किसी को जाना था विदेश,
सुख-सुविधा में रहकर
कोई जीवन चाहता था बुनना।
अपनी परवाह जिसे हो ही ना,
ऐसी मंजिलों को जीवन का
अस्तित्व बना लेती है।
हमारी भारतीय सेना।
शिक्षा
कोई अपना....
ठहराव...
तुम बिन
शब्दों का माय...
मोहब्बत
साथ तुम्हारा
प्रेम की डगर
नया साल नयी उ...
सीख
जो कारवाँ था तेरे साथ तेरी कामयाबी के राहगुज़ार में। जो कारवाँ था तेरे साथ तेरी कामयाबी के राहगुज़ार में।
भइया ये बतलाओ मुझको कब तक साथ निभाओगे। भइया ये बतलाओ मुझको कब तक साथ निभाओगे।
हाथों में लोहे का भारी घन और उसकी चोट तुम्हें सुनाई नहीं देती, हाथों में लोहे का भारी घन और उसकी चोट तुम्हें सुनाई नहीं देती,
अगणित कष्ट खुशी से सह कर, संवारती है पूरा घर-परिवार। अगणित कष्ट खुशी से सह कर, संवारती है पूरा घर-परिवार।
पेटी में रखी रेजगारी गिनता रहता है पेटी में रखी रेजगारी गिनता रहता है
चल पड़े मजदूर काम पर, नव निर्माण का नींव बनाने को। चल पड़े मजदूर काम पर, नव निर्माण का नींव बनाने को।
कोई मल्लाह नहीं, सवारी नहीं और न ही कोई चप्पू कोई मल्लाह नहीं, सवारी नहीं और न ही कोई चप्पू
हँसने गाने की वजहों में भी परिवर्तन परिवर्तन ही शाश्वत सत्य होता। हँसने गाने की वजहों में भी परिवर्तन परिवर्तन ही शाश्वत सत्य होता।
समय बड़ा नाजुक है, मन को तुम ये समझाओ अलग थलग ना रहो, अब तो एकजुट हो जाओ समय बड़ा नाजुक है, मन को तुम ये समझाओ अलग थलग ना रहो, अब तो एकजुट हो जाओ
अब मेरे शरीर पर भी उग आए हैं कई कई हाथ अब मेरे शरीर पर भी उग आए हैं कई कई हाथ
सुबह का इंतजार करते थे चिड़िया की चहक सुनते थे सुबह का इंतजार करते थे चिड़िया की चहक सुनते थे
जिस रास्ते जाना नहीं हर राही से उस रास्ते के बारे में पूछता जाता हूँ। जिस रास्ते जाना नहीं हर राही से उस रास्ते के बारे में पूछता जाता हूँ।
मह-ओ-मेहर क्या सितारों ने भी लिया मुँह मोड़ है। मह-ओ-मेहर क्या सितारों ने भी लिया मुँह मोड़ है।
रुखसत हुआ साकी मयखाने से तो ग़म ना हुआ। रुखसत हुआ साकी मयखाने से तो ग़म ना हुआ।
फिर खुशी द्वार खटखटायेगी । लौट कर फिर बहार आयेगी फिर खुशी द्वार खटखटायेगी । लौट कर फिर बहार आयेगी
ये अहसान भी आप का कुछ कम नहीं था। ये अहसान भी आप का कुछ कम नहीं था।
दिन भर का थका हारा सोच रहा बैठ खेत की मेड़ पर। दिन भर का थका हारा सोच रहा बैठ खेत की मेड़ पर।
सोलह श्रृंगार से सजी दुल्हन पहुंची द्वारे ससुराल, सोलह श्रृंगार से सजी दुल्हन पहुंची द्वारे ससुराल,
हर पल दे मेरा साथ मेरी खुशियों का आधार, मेरा परिवार ही मेरा खूबसूरत सा संसार है। हर पल दे मेरा साथ मेरी खुशियों का आधार, मेरा परिवार ही मेरा खूबसूरत सा संसार ...
कितनी लापरवाह गर्मी की धूप है सूरज ने दिखाया आज कैसा रूप है। कितनी लापरवाह गर्मी की धूप है सूरज ने दिखाया आज कैसा रूप है।