Anita Sudhir
Inspirational
भारत माता
पवित्र सुन्दरता
मन एकता ।
भारत भाल
वैभव बेमिसाल
उच्च संस्कार।
जग प्रसिद्धि
भारत की समृद्धि
अनंत वृद्धि
कोरोना वायरस
होलिका दहन
दोहा छन्द गीत...
संदेह
मुफ्त
अहिंसा
कुंडलिया
माँ शारदे
एकता
वैरागी
ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है । ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है ।
मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ। मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ।
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11) ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11)
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्रृंगार और करुण रस का ... रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्र...
बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं विचार। बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं व...
हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से कदम उठाकर तो देखो... हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से क...
खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ। खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ।
सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है। सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है।
, आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का। , आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का।
और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए कोई हो ! और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए को...
मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे
मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।। मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।।
वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो। वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो।
हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान। हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान।
ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, डटे रहते हैं, ज़िन्दगी... ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, ड...
भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार है। भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार ...
एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत ! एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत !
छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब। छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब।