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भारत में बसे कई भारत

भारत में बसे कई भारत

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देश में किसी को तो बिन माँगे मिल जाए छुट्टी

कहीं माँगी छुट्टी तो समझो नौकरी छूटी।


चुनावी फायदे के लिए अचूक है पे कमीशन की बूटी

वहीं शिक्षित बेरोजगारों को पकौड़े का अर्थशास्त्र

समझाने में राजनेताओं की छड़ी टूटी।


कोई भये साठा तो बरसे सोने की ईंट

कोई इस उम्र में माँगे मनीआर्डर वाले पेंशन की भीख।


कोई गिने चिल्लर तो कोई सजाए नोटों की आढ़त

सचमुच एक भारत में बसे कई भारत।।


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