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कवि धरम सिंह मालवीय

Abstract

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कवि धरम सिंह मालवीय

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भारत की चेतावनी

भारत की चेतावनी

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एक हाथ मे गीता ले ली,

दूजे हाथ कुरान,

बिगुल बजाकर ,रणचण्डी का करते हम आह्वान।

तू बचना हमसे पाकिस्तान।।

सन 65 हो या 71 या हो करगिल का मैदान ,

एक भी वार चला न तेरा टूट गया अभिमान

एक बार क्या तीन बार हमने घटा दिया तेरा मान

तू बचना हमसे पाकिस्तान।।

काश्मीर हैं भारत का और भारत की ए शान ,

इसको हाथ लगाओ गे तो ले लेंगे हम जान ,

जानो हमको जान से प्यारा हैं सारा हिन्दुस्तान।

तू बचना हमसे पाकिस्तान।।

सत्य ,धर्म की राह पे चल 

और छोड़ दे उलटे काम,

जिहादी बारूदे बोना कर दे बन्द तमाम ।

एक चिंगारी में हो जाएगा ,

खुद तुही शमशान।

तू बचना रव से पाकिस्तान।।

कान खोल कर सुन ले ,धर्मा का ऐलान 

तू बचना हमसे पाकिस्तान ।।

तू बचना हमसे पाकिस्तान ।।




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