STORYMIRROR

Dr. Akansha Rupa chachra

Tragedy

4  

Dr. Akansha Rupa chachra

Tragedy

भारत के सपूत

भारत के सपूत

1 min
214


१४ फरवरी २०१९ पूलवामा सीमा पर,

हमारे ४० फौजी भाईयों को मारा था।

जम्मू कश्मीर की सीमांत घाटियों में,

बारुदी सुरंगों का जाल पाक बिछाया था।

एक साथ चालिस जवानों को, 

बम मार उड़ाया था।

बम के धमाके से,

सारा विश्व थर्राया था।

कहाँ? हुआ ये धमाका,

कोई नहीं कह पाया था।

अनेक माताओं की गोदें हुईं सुनी,

कई सुहागिनों की माँग उजड़ी थी।

देश के लिए निकला था घर से, 

रक्षा भारत माँ की,

जहाँ तक हमारी सीमा थी।

सीमा पर प्रहरी खड़े थे,

रणबांकुरे हाथों में बंदूक थी।

खाई कसमें जिन्हें मरने की, 

तिरंगा फहरा शान रखी थी।

वन्देमातरम् का नारा लगा,

सिरहाने जिनके मौत खड़ी थी।।

जय हिन्द! जय माँ भारती!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy