भागी हुई लड़कियां
भागी हुई लड़कियां
अगर कोई लड़की भागी है ,
तो ये ज़रूरी नहीं कि संग उसके एक लड़का भी भागा होगा .
हो सकता है अपने भविष्य संवारने का ख्याल उसके मन-मस्तिक्ष में आया हो ,
या फिर दुनिया के कष्टों से कुछ दिन कन्नी काटने के विचार से घिर गई हो .
सबके अपने-अपने नज़रिये और व्याख्यान हो सकते हैं ,
इस एक घटना के कई सन्दर्भ ,कई मतलब हो सकते हैं.
चरित्र-हीनता का लांछन कुछ लगाएंगे ,
तो कुछ उस को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बतलायेंगे.
कुछ उसे समाज द्रोही और गैर ज़िम्मेदार ठहराएंगे ,
तो कुछ पुरुष - प्रधान समाज में शक्तिशाली नारी का प्रतिबिम्ब बतलायेंगे.
व्याख्या और व्याख्यान कितने हों ,
पर याद रहे ,अपनी शर्तों पे जीवन जीने का अधिकार उसे भी है .
तुम्हारे अर्थ तुम्हारी मानसिकता के परिचायक हैं ,
स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार नारी को भी है .
पुरुष के संग चल सकती है पर उसके हस्तक्षेप के बिन फैसले लेने का हक़ भी नारी को है ,
और जब उसकी मर्ज़ी हो तो पुरुष के बिन कदम आगे रखने का हक़ भी एक नारी को है .
बंदिश में क्यों रहे सर्वदा वो, आज़ाद सोच का हक़ उसे भी है ,
सम्पूर्ण है वो स्वयं में ही , खुद पर नाज़ करने का हक़ भी एक नारी को है ..
