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Seema Sharma

Fantasy Inspirational

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Seema Sharma

Fantasy Inspirational

बेटियां

बेटियां

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भाग्यवती हूं मैं कि मेरे घर जन्मी है बेटियां

सदा हँसाती रहती है नहीं रुलाती बेटियां

याद रखती सारे जहां की हर रीत को

आकाश में उड़ना भी जानती है बेटियां ।


माँ बाप के दुःख में द्रवित रहतीं सदा

दूर रहकर पीर को पहचानती है बेटियां 

जीत कर भी हार जाती है स्वयं 

भाई को अपना सदा यू मानती है बेटियां ।


आज के माहौल से वाकिफ है यह

हर नजर ताड़ कर पहचानती है बेटियां 

ठान लेती मन में जब भी कोई भी काम

हर कीमत पर पूर्ण करना जानती है बेटियां 


थक कर जब दुनिया के थपेड़ों से आती हूँ

सुंदर शीतल छाँव बन जाती है बेटियाँ

मारने वालों से कहिए सुनलों सब 

दोनों कुल की तारणहार हैं बेटियां।


सावित्री ,सीता, राधा थी बेटियाँ

गार्गी ,मैत्रेयी, गौतमी भी थी बेटियाँ

हम भी अपनी बेटियोँ पर करें नाज

कुछ प्रयत्न कर बनाए सुंदर

उनका कल और आज।


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