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Seema Sharma

Abstract Inspirational

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Seema Sharma

Abstract Inspirational

नारी

नारी

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नारी अपने जीवन में

 कितने किरदार निभाती है

बेटी बहन पत्नी बनती है 

फिर मां भी बन जाती है 


घर गृहस्ती में कदम बढ़ा कर

 माँअन्नपूर्णा बन जाती है 

कभी बनी वह ललिता रुकमणी 

 कभी राधा प्रेयसी बन रह जाती है


 कभी का कल्पना चावला बनकर 

आकाश में उड़ती जाती है

झांसी की रानी बनकर के 

शासन की बागडोर संभालती है 


नारी अपने जीवन में 

कितने किरदार निभाती है 

 बेटी बहन पत्नी बनती है 

फिर माँ भी बन जाती है।।


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