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Seema Sharma

Abstract Classics

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Seema Sharma

Abstract Classics

सरस्वती वंदना,

सरस्वती वंदना,

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हे वीणा वादिनी तुम्हें नमन 

हे स्वर की साधिका तुम्हें नमन


शुभ्रवासनी वीणा दाता

हंस वाहिनी शारदे माता 

कर कर करतल ध्वनि


 तुम्हें रिझाते 

कर दो मां पवित्र मेरा मन

 हे वीणा वादिनी तुम्हें नमन 


कलुष हारणी ज्ञान की देवी

विमल मति सबकी कर देती 

जग के तम सारे हर लेती 


मेरा भी हर लो अभिमान 

कर दो तुम पवित्र मेरा मन 

हे वीणा वादिनी तुम्हें नमन

 हे स्वर की देवी तुम्हें नमन।


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