Salil Saroj
Classics
कौन सी सदी में रहते हो
जो बात तुम ये कहते हो।
बेटी है तो सब जायज़ है
अजीब दिशा में बहते हो।
आज़ादी से न पालते हो
किसकी ग़ुलामी सहते हो।
क़त्ल करके ख़्वाबों का
किस बात पे हँसते हो।
बेटियाँ हैं तो ही सब है
ये क्यों नहीं चाहते हो।
अब पीछे मुड़ ...
जीत जाने की ब...
यूँ ही कातिल ...
खुदाई से मेरा...
इश्क़ ने ...
जो चाहिए वो ह...
मत समझो कि ये...
तुम्हारे सिवा...
बारिश को अब ब...
बुरा मत कहो
किताबों में बंद गुलाब जैसे सिमट कर रह जाएगा ये तेरी मेरी मोहब्बत। किताबों में बंद गुलाब जैसे सिमट कर रह जाएगा ये तेरी मेरी मोहब्बत।
सब सिंगार उतर जाता जब माँग से होता दूर चुटकी भर सिंदूर। सब सिंगार उतर जाता जब माँग से होता दूर चुटकी भर सिंदूर।
आजीवन आभारी रहूंगा, मैं आजीवन ही आभारी। आजीवन आभारी रहूंगा, मैं आजीवन ही आभारी।
इस काँटों भरी जिंदगी से निकल कर इस दुनिया में कुछ कर दिखाना है। इस काँटों भरी जिंदगी से निकल कर इस दुनिया में कुछ कर दिखाना है।
सच्चे बंधन समझ ही नहीं पाते मनु की संतान शिवमय हो ही नहीं पाते। सच्चे बंधन समझ ही नहीं पाते मनु की संतान शिवमय हो ही नहीं पाते।
इसलिए मैं डरता हूँ, जब तुम कहते हो कि तुम मुझे प्यार करते हो ! इसलिए मैं डरता हूँ, जब तुम कहते हो कि तुम मुझे प्यार करते हो !
साथ ले लक्ष्मण सिया को वन चले श्रीराम जी जंगलों की रज में शामिल हो गए श्रीराम जी। साथ ले लक्ष्मण सिया को वन चले श्रीराम जी जंगलों की रज में शामिल हो गए श्रीराम...
कट्टरता के दौर में जी रहे हम फिलहाल ! चहूं ओर हिंसा होती दिख रही बहाल ! कट्टरता के दौर में जी रहे हम फिलहाल ! चहूं ओर हिंसा होती दिख रही बहाल !
मेरी ये खामोशी को ठीक से समझ लेना, हम तुम्हें भूले नहीं, आसान नहीं है तुम्हे भूल पाना। मेरी ये खामोशी को ठीक से समझ लेना, हम तुम्हें भूले नहीं, आसान नहीं है तुम्हे ...
थोड़ा वक्त अपने लिए भी निकाल लिया कर थोड़ा प्यार खुद से भी कर लिया कर। थोड़ा वक्त अपने लिए भी निकाल लिया कर थोड़ा प्यार खुद से भी कर लिया कर।
समंदर भी लोचन का निर्जल पड़ा है। समंदर भी लोचन का निर्जल पड़ा है।
काशिफ उसी को देख के पाया है हौसला जुगनु दिखा रहा था जो दम खम हवा के साथ। काशिफ उसी को देख के पाया है हौसला जुगनु दिखा रहा था जो दम खम हवा के साथ।
रक्षाबंधन रक्षाबंधन
जिसको झेल रही है संध्या सुंदरी युगों युगों से। जिसको झेल रही है संध्या सुंदरी युगों युगों से।
वह सत्कर्म से मिलता है श्रम सभी को करना है प्यारें। वह सत्कर्म से मिलता है श्रम सभी को करना है प्यारें।
कहीं राह मिटाते हैं कहीं राह बनाते हैं कभी देखा है उन बादलों को जो प्यार जगाते हैं कहीं राह मिटाते हैं कहीं राह बनाते हैं कभी देखा है उन बादलों को जो ...
पहला प्यार में मुझ में डूब गए थे वो भूलना आसान नहीं, अतीत मरता नहीं है। पहला प्यार में मुझ में डूब गए थे वो भूलना आसान नहीं, अतीत मरता नहीं है।
जिसको येे हिदायत दी जाए, जो भी फैलाए गंदगी, उसे सजा दी जाए। जिसको येे हिदायत दी जाए, जो भी फैलाए गंदगी, उसे सजा दी जाए।
गोरेपन की क्रीम के बदले उसकी काली देह का सौदा। गोरेपन की क्रीम के बदले उसकी काली देह का सौदा।
ले के भी अनजान है जब पा के ऐसा दोस्त भी यशवी .. दुनिया में हैरान परेशान है सब। ले के भी अनजान है जब पा के ऐसा दोस्त भी यशवी .. दुनिया में हैरान परेशान ह...