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Shreya Saxena

Drama

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Shreya Saxena

Drama

बेटी है तो कल है

बेटी है तो कल है

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बेटी है तो कल है

बेटी है तो हर पल है,

बेटी हमारा विकास है

बेटी अटल विश्वास है।


बेटी ज्ञान की मूर्ति है

बेटी तो त्रिमूर्ति है,

बेटी माँ लक्ष्मी,सरस्वती है

बेटी में दुर्गा बसती है।


बेटी हमारा बल है

बेटी बिना जग निर्बल है,

बेटी पराया धन नहीं

बेटी अनमोल रतन है।


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