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Brijka ब्रिजका

Drama

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Brijka ब्रिजका

Drama

बेनाम

बेनाम

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नहीं याद रखता

आज कल

मैं नाम,

अपना पता अपना।


सब मुुुझको

मेरे कारनामों से ही

पहचान जाते हैं।


कर न देना तुम भी

ज़िक्र कोई

बनकर दोस्त मेरा।


ब्रिजका की कलम में

लोगोंं को

स्याही कम और दाग ज़्यादा

नज़र आते हैं।


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