writer, poet, wanderer and ranter. Welcome to my world of illusions
ब्रिजका की कलम में लोगोंं को स्याही कम और दाग ज़्यादा नज़र आते हैं। ब्रिजका की कलम में लोगोंं को स्याही कम और दाग ज़्यादा नज़र आते हैं।
सपना एक नन्हा सा.... रात भर सिसकता रहा। सपना एक नन्हा सा.... रात भर सिसकता रहा।