बेच सको तो
बेच सको तो
खुद को बेच सको तो बेच लो,
ये दुनिया है एक बाज़ार,
हैं सभी यहां खरीददार,
जो मिल जाए उन्हे सही माल।
यहां प्रतिभा बिकती बाजार में,
सम्मान की कोई कीमत नहीं,
अस्मत की नीलामी होती है,
इज्जत की कोई पूछ नही।
सरेआम बिकते हैं रिश्ते,
कुछ रूपयों की लालच में,
अगर पैसा मिल जाए ढंग से,
बिक जाते हैं ईमान बाजारों में।
