Neha Prasad
Fantasy Inspirational
बदलती कहानियां,
बदलते रिश्ते,
बदलती सोच,
बदलती भावनाएं,
बदलते रूप,
बदलती दृष्टिकोण
यही सन्देश देते है कि
'परिवर्तन' ही न केवल
प्रकृति का नियम है बल्कि
नई शुरुआत का संकेतक भी है।
मेरी होली का ...
चप्पल
एक याद पुरानी
एक बात
प्यार की छाँव...
बदलाव
आओ मरहम बन जा...
रास्ता
अब तो साजन तु...
मैं बेबस और लाचार दिखूं तो ही तुमसे इज़्ज़त पाऊँगी ? मैं बेबस और लाचार दिखूं तो ही तुमसे इज़्ज़त पाऊँगी ?
ठंड हुई कुछ मंद भंवरे को फूलों का मद भरा मकरंद लुभाया ठंड हुई कुछ मंद भंवरे को फूलों का मद भरा मकरंद लुभाया
घृणा विरोध प्रतिबंध मिला कभी, तो कभी मिली भीषण अग्नि की भेंट। घृणा विरोध प्रतिबंध मिला कभी, तो कभी मिली भीषण अग्नि की भेंट।
और इस सोच में फिर एक बार कलम रगड़ रही थी। अपनी सोच को सुचारू और जीवन मे हलचल भर रही थी। और इस सोच में फिर एक बार कलम रगड़ रही थी। अपनी सोच को सुचारू और जीवन मे हलचल भ...
कभी अपनों से तो कभी परायों से अनबन है, ऐसे हालात में लहू जिगर का पी रहा हूं। कभी अपनों से तो कभी परायों से अनबन है, ऐसे हालात में लहू जिगर का पी रहा हूं।
बारिश में भीगने का भी तब अलग ही मजा था पतंगे लड़ाने में दिन हमारा गुजरता था। बारिश में भीगने का भी तब अलग ही मजा था पतंगे लड़ाने में दिन हमारा गुज...
पुरा कर रही हो अबतक हर ख्वाब, सुकून वाली जिंदगी हो, तुम खूबसूरत किताब। पुरा कर रही हो अबतक हर ख्वाब, सुकून वाली जिंदगी हो, तुम खूबसूरत किताब।
सोचता हूँ हाल-ए-दिल, बयां करके देखूँ... सोचता हूँ हाल-ए-दिल, बयां करके देखूँ...
जिंदगी तेरे अंदाज ही निराले हैं तू क्यों नए रूप धरती है जिंदगी तेरे अंदाज ही निराले हैं तू क्यों नए रूप धरती है
रखवाले ऐसी धरती के हाथ बढ़ाना क्या जाने। मेरे देश के लाल हठीले शीश झुकाना क्या जाने। रखवाले ऐसी धरती के हाथ बढ़ाना क्या जाने। मेरे देश के लाल हठीले शीश झुकाना क्य...
विविधता में एकता के मिलकर गीत गाते यहां भारत की लाज बचाने तन-मन-धन लुटाते यहां विविधता में एकता के मिलकर गीत गाते यहां भारत की लाज बचाने तन-मन-धन ल...
पंख लगा कर नभ छू लेना कभी एक सपना ही था पंख लगा कर नभ छू लेना कभी एक सपना ही था
कलियुग की यहीं लीला है, यहाँ हर राज़ पर कोई नाराज़ है.. कलियुग की यहीं लीला है, यहाँ हर राज़ पर कोई नाराज़ है..
हाथी दांत दिखाने-खाने के और हैं, मुख पर सेवा मन में भरा लोभ है । हाथी दांत दिखाने-खाने के और हैं, मुख पर सेवा मन में भरा लोभ है ।
मेरी अभिलाषा थी छोटी उसकी परिभाषाएं मोटी , शब्दों की छोटी मूरत को छंदों का पाषाण दे दिया मेरी अभिलाषा थी छोटी उसकी परिभाषाएं मोटी , शब्दों की छोटी मूरत को छंदों का पाषा...
जीवन की खुशियाँ फिर से एक बार हां, फिर से एक बार ! जीवन की खुशियाँ फिर से एक बार हां, फिर से एक बार !
धन दौलत का चश्मा हटा दिल की नजरों से देखा होता ।। धन दौलत का चश्मा हटा दिल की नजरों से देखा होता ।।
फूलों की खुशबू है ,कांटों की चुभन भी। शहनाइयां खुशी की, परछाइयां गमों की। फूलों की खुशबू है ,कांटों की चुभन भी। शहनाइयां खुशी की, परछाइयां गमों की।
ना मेरे कभी कदम बढ़े और ना तुम अम्बर से उतरे। ना मेरे कभी कदम बढ़े और ना तुम अम्बर से उतरे।
हरा भरा रहे सबका परिवार, मनाओ सभी दशहरा का त्यौहार। हरा भरा रहे सबका परिवार, मनाओ सभी दशहरा का त्यौहार।