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Jitendra Kumar

Abstract

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Jitendra Kumar

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बदल रहा है मौसम

बदल रहा है मौसम

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गर्मी के मौसम से धीरे-धीरे,

सर्दी में ढल रहा है मौसम।

रखना खुद का ध्यान है अब,

बच्चों, बदल रहा है मौसम।।


सुबह उठकर नंगे पैर फर्श पर,

नहीं है अब तुमको चलना।

तन पर गर्म कपड़ा पहनकर ही,

अब घर से बाहर निकलना।।


माता-पिता का कहना मानो,

हवा में छत पर मत टहलना।

ठण्डी हवा से सर्दी लग जाएगी,

अब तुमको है आदत बदलना।।


गुनगुने पानी से नहाना अब,

ठण्डा पानी प्रयोग करो कम।

रात में कम्बल ओढ़कर सोना,

बच्चों, बदल रहा है मौसम।।


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