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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

बचत

बचत

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बचत करना जीवन मे बहुत जरूरी है

बचत से ही जिंदगी बनती कोहिनूरी है


आधा खर्च और जो करते आधी बचत,

वो लोग मुसीबतों से रखते सदैव दूरी है


कण-कण इकठ्ठा करने से मण बनता,

थोड़ी-थोड़ी बचत से जीवन सुधरता,


जब कठिनाईयों का कोई दौर आता

तब बचत से कठिनाईयां दूर होती है


बूंद-बूंद से ज्यों यहां पर कोई घड़ा भरे

थोड़ी-थोड़ी बचत से हर मुसीबत टले


थोड़ी बचत से मिले संजीवनी बूटी है

हर समस्या का जवाब बचत सिंदूरी है


जो भी जन,करे बचत,वो बनता सूरी है

जो न करे बचत,वो रोते जिंदगी पूरी है


बचत करो,बचत करो यही अपनी है

बाकी सब दुःख में बाते करते बुरी है


एकमात्र बचत ही हकीकत में मित्र है

बाकी हर चेहरे यहां मतलबी चित्र है


बचत सच्ची है,बाकी दुनिया झूठी है

बचत बढ़ाती जिंदगी की खूबसूरती है


बचत से खत्म हो जाती हर मजबूरी है

बचत से बंजर भू बने, उपजाऊ भूरी है।


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