बच्चों ने मनचाही खुशी दी
बच्चों ने मनचाही खुशी दी
आज दिल खुशी से भर गया।
इतिहास फिर दोहरा गया।
जिस तरह मेरे छोटे बच्चों ने हमको कर दिया था
आश्चर्यचकित।
छोटी छोटी खुशियां लगती है बड़ी प्यारी
जब खुशियां मिलती है अपने छोटे बच्चों से तो बन जाती है और भी प्यारी ।
जिस तरह मेरे छोटे बच्चों ने हमको कर दिया था आश्चर्यचकित
आज इतिहास फिर दोहरा गया
छोटे बच्चे कमाल दिखा कर आश्चर्यचकित करते थे
उसी तरह मेरी छोटी छोटी नातीनों ने कर दिया उनकी मम्मी को आश्चर्यचकित।
बहुत प्यारा सरप्राइस दिया।
जितना भी कर सकती थी उतना करके उन्होंने
सुंदर प्लेट सजाकर सजाकर थकी हुई मम्मी को
लंच बना कर अंदर बुला दिया।
और बड़े प्यार से उन्हें लंच करवा दिया।
यह देख उसके आंखों में हर्ष के आंसू आ गए।
साथ में जब बच्चों ने यह बोला मम्मी आप कितना काम करती हो।
थक जाती होंगी मगर कभी आप कहती नहीं हो, आज हमने तो इतना सा करा तो भी थक गए।
और मम्मी के गले लग कर अपनी पूरी फरेरा रोचेर अपनी मम्मी को खिला दी।
क्या सुंदर समा रहा होगा, मुझे अपना सालों पुराना वह दिन वह मंजर याद आ गया।
जब छोटे-छोटे बच्चों ने फ्रैंकी बनाकर हम सबको खिलाई थी।
सबको बाहर बैठा दिया कुछ नया बना रहे हैं कह कर आश्चर्यचकित कर दिया था।
समय बहुत हो गया।
मगर स्वर्णिम इतिहास दोहरा गया।
जब यह बात सुनते हुए मुझे बहुत खुशी हुई।
तो सोचो उसको आश्चर्यचकित होकर लंच करते हुए कितनी खुशी हुई होगी।
और बच्चों के निश्चल प्यार और मां का फिक्र को देखकर कितनी खुशी हुई होगी।
