बच गए
बच गए
हर बार की तरह
त्यौहार, उत्सव, व्रत, पूजा
धूमधाम से
इस बार भी
हमने मनाए
भक्ति का कचरा
नदी तालों में फेंक
बहुत बड़े धार्मिक कहलाये
हर बार की तरह,
पटाख़े फोड़े, आतिशबाज़ी की,
कानून को रख ताक पर
धुएँ के बादल इस बार भी
जी भर उड़ाए
पराली जलाई,
सरकार को आँख दिखाई
मोटर गाड़ी में बैठ शान से
अपनी औकात दिखाई
अजी, वोट देते हैं,
चुनाव जितवाते है
हर बार की तरह, इसलिए
ज़हरीली हवा से हमें बचाना
काम है सिर्फ उन्हीं का,
हा हा हा!
इस बार भी देखो
साफ बच गए हम तो
अपनी जिम्मेदारियों से !
हर बार की तरह,
न बचा पाएंगे मगर
मौत से हम
अपने बच्चों को,
और उनके भी बच्चों को
अपनी अगली पीढ़ी को
पर क्या फर्क पड़ता है ?
इस बात भी देखो,
साफ़ बच गए हम तो !
