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Sarita baghela Anamika

Abstract

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Sarita baghela Anamika

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बावरा मन

बावरा मन

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बावरा मन निकला है,

एक अनजान सफ़र पर, 

न कोई बंधन,न कोई रिश्ता, 

ढूंढे़ मन खूबसूरत किस्सा।


जहां प्रीत हो मेरी, 

प्रीतम हो मेरा,

बिन कहे समझे हर बात मेरी,

आंखे मेरी,आंसू हो तेरा।


अनजानी राहों पर

खूबसूरत यादों का पहरा,

हाथ हो तेरा,

कोमल स्पर्श हो मेरा।


मिलने की बेचैनी तेरी, 

बिछड़ने का दुख मेरा,

लाखों बहाने तेरे, 

फिर मना लेना मेरा।


एक-एक पल की खबर लेना तेरा,

तेरी परेशानी में परेशान होना मेरा,

हां यह प्यार है तेरा,

और हां यह प्यार है मेरा।


हां यहां अनजान सफ़र में,

प्यार का रास्ता तो एक ही 

मेरा और तेरा,

दो दिल अब एक है, एक तेरा,

और एक मेरा।


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