Prashant Beybaar
Abstract Others
बात करूँ तो खो जाऊँ, वृंदावन की गली हो तुम
कभी उठती बैठती, मटकती अल्हड़ चली हो तुम
पैरों में बिछुए कसे थे, मगर सरके सरके जा रहे
नाज़ुक गुदाज़ उंगलियाँ, मखमल की डली हो तुम
लोग बैठे हैं ...
हौसला
फूल दिल तक़दी...
प्यास हूँ सहर...
कार के शीशे म...
ऐसे भी ग़म होत...
कोई तदबीर हो ...
जागी पलकों पे...
मीलों की दूरी...
आँखों में जो ...
कैसे वक़्त के साथ आँख का आँसू सूख जाता है कैसे वक़्त के साथ आँख का आँसू सूख जाता है
इंतजार करता किसका भला? कल काल गाल समाता रहा, इंतजार करता किसका भला? कल काल गाल समाता रहा,
नाम बदनाम कर दिया जिसके लिये जीते थे उसी ने जीते जी मार दिया। नाम बदनाम कर दिया जिसके लिये जीते थे उसी ने जीते जी मार दिया।
सावन तो आ गया बरसात न आई थी। मौसम में गर्मी उतनी ही समाई थी। सावन तो आ गया बरसात न आई थी। मौसम में गर्मी उतनी ही समाई थी।
सुख दु:ख तो चोली दामन जैसा आता जाता है। सुख दु:ख तो चोली दामन जैसा आता जाता है।
सही गलत पहचान, अपना पराया करना छोड़ तू।। सही गलत पहचान, अपना पराया करना छोड़ तू।।
पहली बारिश हुई और दिल ने बगावत कर दी. पहली बारिश हुई और दिल ने बगावत कर दी.
भूल न जाना उन ख़ुशियों को ग़म के अँधेरे में। भूल न जाना उन ख़ुशियों को ग़म के अँधेरे में।
आखिर दिल ही तो है जीने के लिए काफी। आखिर दिल ही तो है जीने के लिए काफी।
वक़्त के सुर ताल सरगम से अलग साज़ से हम थरथराये चले गए वक़्त के सुर ताल सरगम से अलग साज़ से हम थरथराये चले गए
करा देती मुलाकात, आँखें बता देती बात। करा देती मुलाकात, आँखें बता देती बात।
पर्यावरण पर आज पृथ्वी का करती श्रृंगार प्रकृति पर्यावरण पर आज पृथ्वी का करती श्रृंगार प्रकृति
जब हिला एक तिनका, वो उकता गया था उन्ही से. जब हिला एक तिनका, वो उकता गया था उन्ही से.
मुखौटा एक इंसान के चेहरे को ढांकने की वस्तु है। मुखौटा एक इंसान के चेहरे को ढांकने की वस्तु है।
स्नेही वामा, हे सुता की जनानी । प्यारी माता, प्यार की है मुहानी स्नेही वामा, हे सुता की जनानी । प्यारी माता, प्यार की है मुहानी
पहली बारिश हुई और दिलने बगावत कर दी पुरानी वो हसीन यॉदे फिरसे ताजा कर दी. पहली बारिश हुई और दिलने बगावत कर दी पुरानी वो हसीन यॉदे फिरसे ताजा कर दी.
न जीत हो न हार हो बस जीवन एक त्यौहार हो और क्या चाहिये। न जीत हो न हार हो बस जीवन एक त्यौहार हो और क्या चाहिये।
खिलती कलियां यह भी कहती, कांटे बनकर चुभना होती खिलती कलियां यह भी कहती, कांटे बनकर चुभना होती
लग जाये दुआ, ना लगे नज़र । करता हूं कामना प्रत्येक प्रहर ॥ लग जाये दुआ, ना लगे नज़र । करता हूं कामना प्रत्येक प्रहर ॥
भला बुरा जो तुमने किया , किसी ने न देखा ,.... मगर उसने देख लिया। भला बुरा जो तुमने किया , किसी ने न देखा ,.... मगर उसने देख लिया।