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Prashant Beybaar

Abstract Inspirational

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Prashant Beybaar

Abstract Inspirational

मीलों की दूरी से ही बस, फ़ासले नहीं बनते

मीलों की दूरी से ही बस, फ़ासले नहीं बनते

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मीलों की दूरी से ही बस, फ़ासले नहीं बनते


एक छत के नीचे भी लोग बहुत दूर हो जाते हैं।


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