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Alpa Mehta

Abstract

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Alpa Mehta

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औ भारत माता

औ भारत माता

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जय जय हो भारत माता,

तेरी शान मे गूंजे शूरवीर गाथा

तेरे सानिध्य मे बहे

नदियों की हारमाला,


हर बूंद बूंद मे बहे तेरी विद्वता,

तेरी डगर डगर पे

है देश के सिपाही,

चट्टान सा सीना,

हौसलों की बलिहारी,

वस्त्र सफ़ेद तेरे

अमन की स्याही,

तेरे नेत्र में है

कुरुक्षेत्र की लड़ाई,


लख लख जोजन

तू सहे सीने पर,

सन्मुख हर हर्ष

उल्लास मुख पर,


नहीं है सीमा तेरी

ओ भारत माता,

तू चारो तरफ है

फैली समुन्दर तटसमान,


तेरी उग्रता में है

सूर्यदेव सी अग्नि,

तू शीतलता में

चंदा की भ्रान्ति,


मृदुता तेरे व्यवहार

में कमल सी,

तू गिरे दामन में नित-नित

अनगिनत फूलों सी,

जय हो भारत माता,

तेरी शान में

गूंजे शूरवीर गाथा।


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