Snehil Thakur
Abstract
अतीत की सुरंग से
गुज़र कर देखा,
असहज सा
महसूस होता है,
यादें अपनी परचम
लहरा जाती हैं,
यूं ही आते जाते
दिल दुखा जाती है,
कुछ घावों के मरहम
खुद ही दे जाती हैं,
मुश्किल है,
इससे गुज़र कर
खुद को मौन
बनाए रखना,
कुछ सवाल
ये ताज़ा छोड़ जाती है।
चंपी जिंदगी क...
शक्ल दिखाने आ...
अतीत
संयोग
यथार्थ
करेले का स्वा...
पहली मुलाकात....
मन की केतली
जीवन का अफसान...
तेरा प्यार
ठंडी बयार करती है शोर, बारिश के बाद जागे चितचोर। ठंडी बयार करती है शोर, बारिश के बाद जागे चितचोर।
सब में होगा भाईचारा, जात पात का न होगा टेंशन। सब में होगा भाईचारा, जात पात का न होगा टेंशन।
अगले दिन उसका मलाल होता वेवसिरिज खत्म नहीं हुआ ! अगले दिन उसका मलाल होता वेवसिरिज खत्म नहीं हुआ !
आध्यात्मिक अभियान है। नारी सशक्तिकरण का ध्यान है। आध्यात्मिक अभियान है। नारी सशक्तिकरण का ध्यान है।
धुल जाए जीवन बेरंग,रंग ऐसे भरो । यो छुटे ईर्ष्या का जंग,रंग ऐसे भरो। धुल जाए जीवन बेरंग,रंग ऐसे भरो । यो छुटे ईर्ष्या का जंग,रंग ऐसे भरो।
जब तक मिलता नहीं है मोक्ष, ये सफर अधूरा ही रहता है। जब तक मिलता नहीं है मोक्ष, ये सफर अधूरा ही रहता है।
आज मालूम पड़ा समय कितना बदला गया कुछ नहीं रहा पहले सा, सबकुछ बदल गया। आज मालूम पड़ा समय कितना बदला गया कुछ नहीं रहा पहले सा, सबकुछ बदल गया।
दर पर तेरे खड़ा हूं, लेकर झोली खाली झोली मेरी भी भर दो, मां शेरावाली। दर पर तेरे खड़ा हूं, लेकर झोली खाली झोली मेरी भी भर दो, मां शेरावाली।
माहौल बनाने के लिए और क्या चाहिए? पहली बारिश तुम्हारा हर साल इंतजार रहेगा। माहौल बनाने के लिए और क्या चाहिए? पहली बारिश तुम्हारा हर साल इंतजार रहेगा।
और छीन लेंगे ज़मीन और उम्मीदें इस हाथ दे,उस हाथ ले। और छीन लेंगे ज़मीन और उम्मीदें इस हाथ दे,उस हाथ ले।
खुद भी आगे बढ़ना है या हमें भी दूसरों की भांति, केवल स्वार्थी जीवन जीना है? प्रश्न है, खुद भी आगे बढ़ना है या हमें भी दूसरों की भांति, केवल स्वार्थी जीवन जीना है?...
चाँदनी रातों की खोज में, हम सब खो जाते हैं, और अपने अंतरात्मा के सबसे गहरे राज जानते ह चाँदनी रातों की खोज में, हम सब खो जाते हैं, और अपने अंतरात्मा के सबसे गहरे रा...
तुम मुझे कमाल लगते हो। तुम चाहें कुछ भी पहनों, पर सूट सलवार में लाजवाब लगते हों।। तुम मुझे कमाल लगते हो। तुम चाहें कुछ भी पहनों, पर सूट सलवार में लाजवाब लगते ...
मुद्दत हुई, अपनी दास्तान लिखे हुए मैंने सुना है, जज्बात बदल गए हैं। मुद्दत हुई, अपनी दास्तान लिखे हुए मैंने सुना है, जज्बात बदल गए हैं।
सरस बड़ा मनभावन अलग है राखीश्री नाव, जब भी करना हो सैर नया लगे कविता के गांव सरस बड़ा मनभावन अलग है राखीश्री नाव, जब भी करना हो सैर नया लगे कविता के...
वो अजनबी दिलों की कहानी अब हमारी जुबानी हो गई। वो अजनबी दिलों की कहानी अब हमारी जुबानी हो गई।
लाश को एक बार तो हिला दिया करो यारों। लाश को एक बार तो हिला दिया करो यारों।
काला रंग भी विशेष है इसके महत्व को कभी नकारें नहीं काला रंग भी विशेष है इसके महत्व को कभी नकारें नहीं
ये जिंदगी गर एक सज़ा है जीने के लिए ये जिंदगी गर एक सज़ा है जीने के लिए
ये जिंदगी संभलते-संभलते, अचानक बिखर क्यों जाती हैं।। ये जिंदगी संभलते-संभलते, अचानक बिखर क्यों जाती हैं।।