STORYMIRROR

Usha Gupta

Inspirational

3  

Usha Gupta

Inspirational

अतीत की गुफ़ा

अतीत की गुफ़ा

1 min
225


अतीत की गुफ़ा में दफ्न यादें

कभी प्रेतात्मा बन

आतंकित करतीं

तो कभी नन्हा सा बालक बन

स्नेह की फुहार से

अन्तर्मन तक नहला देतीं

और प्रेरित करती जीवन को

अंक में भर लेने को


लेकिन फिर तभी

नकारात्मकता की बौछारें

अन्तर्मन तक को त्रस्त

कर देतीं

जैसे चिलचिलाती धूप से त्रस्त देह

ढूँढती हैं पेड़ की छाँव

वैसे ही

त्रस्त मन ढूँढता है

सकारात्मकता की छाँव

जो निश्छल बालक की भाँति

घावों पर लगा दे मरहम

और जी लूँ एक बार फिर

भर जीवन अपने अंक में



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational