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S Ram Verma

Abstract

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S Ram Verma

Abstract

अस्तित्व

अस्तित्व

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तुम चाहो या 

ना चाहो

मेरा ये अस्तित्व 

अब तुझ से सदा 

जुड़ा ही रहेगा


ठीक वैसे ही 

जैसे खुशबू चाहे 

ना चाहे पर हवा 

में उसका अस्तित्व 

समाया ही रहता है !


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