STORYMIRROR

Sanjay kumar manik

Drama

2  

Sanjay kumar manik

Drama

असली ख़ज़ाना

असली ख़ज़ाना

1 min
248

ये सलाम नमस्ते सब हैं सस्ते,

ये रिश्ते नाते सब हैं बेकार की बातें,


ये जाना अनजाना सब है बहाना,

जिस दिल ने दिल को पहचाना

वो है असली ख़ज़ाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama