STORYMIRROR

Sneha Srivastava

Abstract Inspirational

4  

Sneha Srivastava

Abstract Inspirational

अर्धनारीश्वर

अर्धनारीश्वर

1 min
490

रूप लेके अर्धनारीश्वर का 

आधा भाग नारी, तो आधा भाग नर 

आओ बताऊँ तुम्हें क्यों बनें वो अर्धनारीश्वर।


शिव अधूरे शक्ति बिन 

और शक्ति अधूरी शिव बिन 

आओ बताऊँ तुम्हें क्यों बनें वो अर्धनारीश्वर।


हर नर में एक नारी होनी चाहिए 

और हर नारी में एक नर 

आओ बताऊँ तुम्हें क्यों बने वो अर्धनारीश्वर।


न नर से ज्यादा नारी बड़ी, 

ना नारी से ज्यादा नर 

आओ बताऊँ तुम्हें क्यों बने वो अर्धनारीश्वर।


न नर का जीवन नारी बिन पूरा, 

ना नारी का जीवन बिन नर   

आओ बताऊँ तुम्हें क्यों बने वो अर्धनारीश्वर।


हर नर और नारी को देने समानता की सीख 

वो बने अर्धनारीश्वर।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract