STORYMIRROR

Pooja Agrawal

Abstract

3  

Pooja Agrawal

Abstract

अपनों का साथ

अपनों का साथ

1 min
274

आज फिर दिल पर दस्तक दी है ,

किसी ने आज फिर मुझको पुकारा है,

कोई आया है खुशियों की सौगात लेकर ,

किसी ने मन को गुदगुदाया है।

किसी की बातें लुभाती हैं हृदय को,

किसी से दिल में सुकून आया है,

किसी ने पुकारा है मदद को मुझे ,

किसी ने खुद हाथ बढ़ाया है।

किसी की जिंदगी खुद ही एक मिसाल है,

 तो किसी का हौसला बेमिसाल है ।

कोई सीख देता है जिंदगी जीने की,

किसी ने मार्ग दिखाया है।

कोई प्रोत्साहित करता है हरदम मुझको,

किसी ने यूं ही गले लगाया है।

किसी की बातें अमिट छाप छोड़ती है मानस पर

किसी के जज्बात झकझोर जाते हैं मुझे।

कोई अंधकार में है प्रकाश की उम्मीद लगाए मुझसे,

किसी के घाव पर मैंने मरहम लगाया है।

आज मैं अकेली नहीं हूं इस दुनिया में,

कोई साथ है हरदम, किसी का मैं हमसाया हूं ।

रिश्तो का जमघट लगा है यहां

सब एक दूसरे के लिए हैं ,

सब ने सबको पाया है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract