Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Shilpa Mahto

Drama


2  

Shilpa Mahto

Drama


अपने

अपने

1 min 7.0K 1 min 7.0K

वह भोर

स्वर्निम किरनों से सजेगी

वह शाम

जब अपने घर पहुँचेगी

अपना घर

जहाँ सिर्फ अपने होंगे

सिर्फ अपने

बातों से नहीं

जज्बातों के अपने

दिखावे को नहीं

साथ के अपने

सुख से नहीं

दुख में अपने

झूठ से नहीं

सच के अपने

वह भोर

स्वर्निम किरनों से सजेगी

वह शाम

जब अपनों में होगी

खून से नहीं

दिल के अपने

शरीर से नहीं

आत्मा के अपने

जिन्दगी से नहीं

मौत तक अपने

उजालों से नहीं

अँधेरों में अपने

बाहर से नहीं

घर के अपने

वह भोर

स्वर्निम किरनों से सजेगी

वह शाम

जब "अपने" घर पहुंचेगी

अपने...!


Rate this content
Log in

More hindi poem from Shilpa Mahto

Similar hindi poem from Drama