Ankit Bhatt
Drama
सन्नाटे भरे इन रास्तों में
जान अभी बाकी है।
कोरोना से जीतेंगे हम जंग,
ये आशा की किरण जागी है
मत ड़रो डट के रहों घरों के अंदर
कोरोना का अंत होना अभी बाकी है।
आरोपी का महिम...
अंत होना अभी ...
कोरोना अब बस ...
अकल्पनीय महाकथा निर्माण पर अविश्वसनीय पात्रों के अभिनय पर अकल्पनीय महाकथा निर्माण पर अविश्वसनीय पात्रों के अभिनय पर
इश्क़ आसान रोग नहीं जो सबको लग जाये ! इश्क़ आसान रोग नहीं जो सबको लग जाये !
ना जाने कैसे जुड़ गया रिश्ता ये तेरा मेरा हो सके सवालों के जवाब दे दे। ना जाने कैसे जुड़ गया रिश्ता ये तेरा मेरा हो सके सवालों के जवाब दे दे।
दिल का तो क्या है, दिल तो हर बार धडकत हैं ! दिल का तो क्या है, दिल तो हर बार धडकत हैं !
मैं बस सिमटना चाहता था तुममें, उन अल्फाजों की झंकार की तरह मैं बस सिमटना चाहता था तुममें, उन अल्फाजों की झंकार की तरह
कुछ नहीं है प्यार- व्यार बस सब मोह- माया हैं। कुछ नहीं है प्यार- व्यार बस सब मोह- माया हैं।
जिंदगी हरपल नया सबक सिखा जाती है हालात दिखा नये नये रंग दे जाती है। जिंदगी हरपल नया सबक सिखा जाती है हालात दिखा नये नये रंग दे जाती है।
बिन तेरे इस दुनिया का कोई अस्तित्व नहीं बिन तेरे इस दुनिया का कोई अस्तित्व नहीं
दिल के सामने आज तो सही में नजर जीत गयी उसने दी हुई झूठी मुस्कान अब बीत जो गयी ! दिल के सामने आज तो सही में नजर जीत गयी उसने दी हुई झूठी मुस्कान अब बीत जो गयी...
वो खामोशी से मुझे देखता तो है दर्द से जूझते जज्ब करते तल्ख अहसास, वो खामोशी से मुझे देखता तो है दर्द से जूझते जज्ब करते तल्ख अहसास,
रास्ते कुछ इस तरह से चल रहे थे कि मैं रोक नहीं पाया। रास्ते कुछ इस तरह से चल रहे थे कि मैं रोक नहीं पाया।
क्यों रटते रहते हो नाम उस बेवफा का वो कोई राम नाम थोड़ी है क्यों रटते रहते हो नाम उस बेवफा का वो कोई राम नाम थोड़ी है
मुझे तुम्हारा कुछ भी 'जरूरी' नहीं होना मुझे जरूरी बस 'तुम्हारा' होना। मुझे तुम्हारा कुछ भी 'जरूरी' नहीं होना मुझे जरूरी बस 'तुम्हारा' होना...
क्या होता है साँसों का मचलना तेरी कमी ने ये एहसास कराया है क्या होता है साँसों का मचलना तेरी कमी ने ये एहसास कराया है
बताओ उपकार क्या वाकई ऐसा ही होता है ? बताओ उपकार क्या वाकई ऐसा ही होता है ?
साथ हां मेरा, जन्मों निभाए, बाबुल ढूंढ़, पिया ऐसा लाए, साथ हां मेरा, जन्मों निभाए, बाबुल ढूंढ़, पिया ऐसा लाए,
विरहा या मिलन सुना दे। विरहा या मिलन सुना दे।
कहां है हमारी जिंदगी, क्यों है हम पर इतनी पाबंदी। कहां है हमारी जिंदगी, क्यों है हम पर इतनी पाबंदी।
छल कपट से तोड़ते है जिस पर करते तुम विश्वास अटूट, छल कपट से तोड़ते है जिस पर करते तुम विश्वास अटूट,
मैं भर जाती हूँ उन सबकी तृष्णा से जो सदियों से अतृप्त है आत्मा में। मैं भर जाती हूँ उन सबकी तृष्णा से जो सदियों से अतृप्त है आत्मा में।