Anuj Pareek
Tragedy
तेज़ रफ्तार में गाड़ी चलाते हुए अमीर घर की औलादें
परिचय देती हैं अपनी दौलत का.
उन्हें नहीं होती किसी की परवाह ना गरीब की ना वृद्ध आंखों की.
और न जाने कितनी उम्मीदें, आशाएं, सहारा कुचल देती हैं।
प्रेम की सार्...
अमीर घर की औल...
सबसे खतरनाक ह...
थामना चाहता ह...
समझ क्यों नही...
इंसान
Kuch Tum Kaho...
यादों की गिरफ़...
मिला ही नहीं
खुशियों का सौ...
समस्या से बड़ी समाधान नही होती ये कहना कितना आसान है. समस्या से बड़ी समाधान नही होती ये कहना कितना आसान है.
रिवायत इश्क़ की तुम तो भूल गए हम तो तुम्हारे थे तुम हमें छोड़ गए. रिवायत इश्क़ की तुम तो भूल गए हम तो तुम्हारे थे तुम हमें छोड़ गए.
और कोई पढ़े या न पढ़े, अपने लिखे को शब्दों को बड़े चाव से कई बार स्वयं ही पढ़ता था- और कोई पढ़े या न पढ़े, अपने लिखे को शब्दों को बड़े चाव से कई बार स्वयं ही पढ...
फिर क्यो लड़े, जब दिल मे बसे, हिन्दुस्तां, प्यारा। फिर क्यो लड़े, जब दिल मे बसे, हिन्दुस्तां, प्यारा।
जिसे हम लोग कहते हैं भ्रष्टाचार असल में वह तो है बस शिष्टाचार! जिसे हम लोग कहते हैं भ्रष्टाचार असल में वह तो है बस शिष्टाचार!
खेल रहे वो खून की होली हम रंगों से खेलें कैसे। खेल रहे वो खून की होली हम रंगों से खेलें कैसे।
सबकी चुनौतियां तुमने स्वीकार कीं तुमने ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जी सबकी चुनौतियां तुमने स्वीकार कीं तुमने ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जी
निर्देशक चिन्ह बन कर किसी के संवाद का विषय बनना नहीं चाहती मैं। निर्देशक चिन्ह बन कर किसी के संवाद का विषय बनना नहीं चाहती मैं।
भारतीय चुनाव जनतांत्रिक चुनाव नहीं है , वो आम जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड है. भारतीय चुनाव जनतांत्रिक चुनाव नहीं है , वो आम जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड ...
पुरुष और नारी से ही होती प्रकृति पूरी, दोनों से ही पूर्णता बिन किसी के अधूरी। पुरुष और नारी से ही होती प्रकृति पूरी, दोनों से ही पूर्णता बिन किसी के अधूरी।
रहो सावधान, लगे जुर्म हो सकता है दो तुरंत सूचना पुलिस को कलमकार रहो सावधान, लगे जुर्म हो सकता है दो तुरंत सूचना पुलिस को कलमकार
दुनिया है बँटी हुई दो धड़े हैं बन गए युद्ध भूमि में वहाँ ना जाने कितने मर रहे । दुनिया है बँटी हुई दो धड़े हैं बन गए युद्ध भूमि में वहाँ ना जाने कित...
न तुम घर में होली मनाते, ना दीवाली, हम मनाते खुशियां, तुम करते रखवाली। न तुम घर में होली मनाते, ना दीवाली, हम मनाते खुशियां, तुम करते रखवाली।
वीर शहीदों की कुर्बानी , यही फरवरी चौदह थी, भींग गयी थी धरा अश्क से कैसे भूलूॅं। वीर शहीदों की कुर्बानी , यही फरवरी चौदह थी, भींग गयी थी धरा अश्क से कैसे भूलू...
आ गया आजकल कैसा,डरावना युग व्यक्ति ही व्यक्ति पर चला रहा चाबुक। आ गया आजकल कैसा,डरावना युग व्यक्ति ही व्यक्ति पर चला रहा चाबुक।
दुख तो होता है जब अहसास होता है कि अब कुछ पहले जैसा नहीं रहा। दुख तो होता है जब अहसास होता है कि अब कुछ पहले जैसा नहीं रहा।
विनाश के लिए बढ़ो अमित्र से नहीं डरो समूल शत्रु नाश हो तभी सुशस्त्र को धरो। विनाश के लिए बढ़ो अमित्र से नहीं डरो समूल शत्रु नाश हो तभी सुशस्त्र को धरो।
तन्हा मुझे तू यकीनन ,तीज व त्योहार की है मुझे एहसास तेरा, क्या वजह दीदार की. तन्हा मुझे तू यकीनन ,तीज व त्योहार की है मुझे एहसास तेरा, क्या वजह दीदार की.
जैसे जीवन खटखटा रहा है अपना ही दरवाजा। जैसे जीवन खटखटा रहा है अपना ही दरवाजा।
सियासत होती देखी है महिला उत्थान पर हमेशा, क्या कभी किसी महिला के घर जा कर देखा भी है. सियासत होती देखी है महिला उत्थान पर हमेशा, क्या कभी किसी महिला के घर जा कर दे...