Anuj Pareek
Drama
जिसने चाहा हमें
उसको कभी हमने चाहा नहीं।
हमने जिसको चाहा
वो कभी हमें मिला नहीं।
प्रेम की सार्...
अमीर घर की औल...
सबसे खतरनाक ह...
थामना चाहता ह...
समझ क्यों नही...
इंसान
Kuch Tum Kaho...
यादों की गिरफ़...
मिला ही नहीं
खुशियों का सौ...
तुम एतबार हम पर कर सकती है, दिल में झांककर क्यूं देखती नहीं? तुम एतबार हम पर कर सकती है, दिल में झांककर क्यूं देखती नहीं?
भूख से हो जाती, बहुतों की छुट्टी उनकी किस्मत सदा रहती है, फूटी भूख से हो जाती, बहुतों की छुट्टी उनकी किस्मत सदा रहती है, फूटी
चलते चलते नहीं उलझ दुनियादारी भँवर इसमें उलझेगा तो कैसा पायेगा, तू निर्झर चलते चलते नहीं उलझ दुनियादारी भँवर इसमें उलझेगा तो कैसा पायेगा, तू निर्झर
ओ मोरी, बेचैनी का रंग भी अब ढलता जाए. ओ मोरी, बेचैनी का रंग भी अब ढलता जाए.
हर तरफ ही बेईमानों को पाऊं किधर जाकर में आज नहाऊं हर तरफ ही बेईमानों को पाऊं किधर जाकर में आज नहाऊं
माननीय जिलाधीश नमित जी को, दे धन्यवाद उनकी व्यवस्थाएं, रखेंगे हम सब कार्मिक याद माननीय जिलाधीश नमित जी को, दे धन्यवाद उनकी व्यवस्थाएं, रखेंगे हम सब कार्मिक य...
लो उनको साथ जो रोके राह तुम्हारी तोड़े तुम्हारे बुलंद हौसलों को लो उनको साथ जो रोके राह तुम्हारी तोड़े तुम्हारे बुलंद हौसलों को
किसी का हँसना या रोना देखकर दिल खो जाता है। किसी का हँसना या रोना देखकर दिल खो जाता है।
हिंदी नववर्ष को कहते है, विक्रम संवत ईसा पूर्व से चला, हमारा नववर्ष उत्कर्ष हिंदी नववर्ष को कहते है, विक्रम संवत ईसा पूर्व से चला, हमारा नववर्ष उत्कर्ष
चांद में तेरा चेहरा देखना मुझे बहुत अच्छा लगता है। चांद में तेरा चेहरा देखना मुझे बहुत अच्छा लगता है।
गिले-शिकवे हुए दूर होली में प्रेम जारी रे गिले-शिकवे हुए दूर होली में प्रेम जारी रे
सृजनकर्ता मां रूपी उक्ति है मातारानी का हर रूप स्त्री है सृजनकर्ता मां रूपी उक्ति है मातारानी का हर रूप स्त्री है
26वें द्वापर युग व्यास, पराशर जी आप थे सजग राजा परीक्षित के वक्त उपस्थित थी, आपकी चमक 26वें द्वापर युग व्यास, पराशर जी आप थे सजग राजा परीक्षित के वक्त उपस्थित थी, ...
ये महकती खुशबू से मैं बना हूं मस्ताना, ये महकती खुशबू से मैं बना हूं मस्ताना,
महफ़िल में आ कर तू रंगत जमाना। महफ़िल में आ कर तू रंगत जमाना।
तुम्हारी धड़कन को सुनकर, हम इश्क का तराना गाते है। तुम्हारी धड़कन को सुनकर, हम इश्क का तराना गाते है।
जैसे 32 दांतों मध्य जीभ बसी। जैसे 32 दांतों मध्य जीभ बसी।
तुझको मेरी मल्लिका बनाने का, मुझे तरीका मिल गया, तुझको मेरी मल्लिका बनाने का, मुझे तरीका मिल गया,
खुशी, संतोष और आत्मविश्वास होंगे मन में। मेहनत करने की सच्ची थकान होगी तन में। खुशी, संतोष और आत्मविश्वास होंगे मन में। मेहनत करने की सच्ची थकान होगी तन में...
जिसको प्रेम की चाह नहीं है, उसको अपनी परवाह नहीं है। जिसको प्रेम की चाह नहीं है, उसको अपनी परवाह नहीं है।